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जंग लगे टीन के डब्बे में फंस गयी बड़ी छिपकली, देखा तो पता चला कि …

दोस्तो इस धरती पर बहुत से जीव जंतु है और ये पूरी धरती उन्ही की है लेकिन ज्यादतर जंगलों को काट दिया गया है ऐसे में ये जीव जंतु भोजन की तलाश में कही भी चले जाते है । ऐसे बहुत से मामले सामने आए है जिसमे कई खतरनाक जानवर लोगो के घरों ,दफ्तरों ,दुकानों में घुस गए । आज हम आपको एक ऐसे ही मामले के बारे में बताने वाले है जिसमे एक अस्पताल में एक बहुत बड़ी छिपकली होने की खबर सामने आई है । खाने की तलाश में शायद वो छिपकली अस्पताल में घुस आई और उसने कुछ खाने के चक्कर में टीन के डिब्बे में फंसी इस छिपकली को निकालने के लिए जब एस ओ एस को सूचित किया । एस ओ एस ने इस छिपकली को रेस्क्यू कर देखा तो ..सोने से भी ज्यादा महँगी बिकती है ये मछली, इसे बनाने का तरीका सिखाने के लिए लग जाते है कईं साल

जानकारी के मुताबिक आगरा रेस्क्यू टीम को सूचना मिली थी कि एक मॉनिटर लिजर्ड आगरा के चंद्र नगर के पास आसोपा अस्पताल में दिखाई पड़ी है. आसोपा हॉस्पिटल के पास पहुंचने पर पता चला कि मॉनिटर लिजोर्ड का सिर बुरी तरह से जंग लगे हुए एक टिन के डिब्बे में फंसा हुआ है. वाइल्डलाइफ एसओएस टीम मौके पर तुरंत पहुंच गई और सावधानी से जीव को बचा लिया गया. रेस्क्यू में मॉनिटर लिजर्ड को तनिक भी चोट नहीं पहुंची. इसके बाद भी उसे चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है. जल्द ही एनजीओ के पशु चिकित्सकों द्वारा एकदम सही सलामत घोषित किए जाने पर उसे छोड़ दिया जाएगा.

कोबरा का किया गया रेस्क्यू

एक और घटना में लगभग 6 फीट लंबे इंडियन कोबरा को होली के दिन मथुरा में पुलिस लाइन के करीब देखा गया. किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए स्थानीय निवासियों ने तुरंत एनजीओ रेस्क्यू हेल्पलाइन नंबर को संपर्क किया. टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सावधानी से कोबरा को मुक्त करा लिया. किसी भी प्रकार की चोट आदि का निरीक्षण करने के लिए निगरानी में रखने के बाद, कोबरा को सावधानी पूर्वक उसके निवास स्थान में छोड़ दिया गया.सांप के पेट में मिली एक अनोखी चीज़

भोजन की तलाश में फंसी गोह

कार्तिक सत्यनारायण वाइल्डलाइफ एसओएस के सह संस्थापक और सीईओ ने कहा कि अक्सर भोजन की तलाश में मॉनिटर लिजर्ड संकट में फंस जाती हैं. हमारी टीम सुसज्जित और उच्च प्रशिक्षित है और इस तरह के रेस्क्यू ऑपरेशन को संभालने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा की आगरा और आसपास के जिलों में अक्सर जीवों का रेस्क्यू किया जाता है.

विलुप्त हो रही हैं कई प्रजातियां

तेजी से बढ़ता हुआ शहरीकरण, निर्माण कार्य में वृद्धि, सिकुड़ते आवास और प्राकृतिक शिकार के आधार विलुप्त हो रहे हैं. ऐसे में ज्यादर सांप और मॉनिटर लीजर्ड आबादी वाले स्थानों में शिकार की तलाश के लिए निकल पड़ते हैं. इंडियन कोबरा भारत में हर जगह पाया जाता है. यह जंगलों, मैदानों, कृषि भूमि, चट्टानी भूभाग, जलीय भूमि और घनी आबादी वाले मानवीय आवासों में होता है.

वाइल्डलाइफ एसओएस रेस्क्यू हेल्पलाइन नंबर 99171 09666 जो कि 24 घंटे रात दिन मुसीबत में फंसे शहरी वन्य जीवन को सुरक्षा प्रदान करता है. 

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