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बाँध टुटा मची तबाही कैमरे में कैद पूरी घटना

हमारी पृथ्वी एक ऐसा ग्रह है. जहाँ पर जीवन मुमकिन है और कही न कही इसका श्रेय जाता है पानी को. तभी तो कहते है जल ही जीवन है. दुनिया के समस्त लोगो की जरूरतों को पूरा करने के लिए इसका बड़े पैमाने पर संरक्षण किया जाता है. लेकिन जब भी ये जीवन देने वाला जल बेकाबू होकर अपने विकराल रूप में आता है .तो वो अपने रास्ते मे आने वाली चीजों को तहस नहस करके रख देता है .इसलिए इस धरती पर बड़े बड़े डैमस का निर्माण किया जा रहा है. इस बात से अनजान कि जब ये जिन्दा बम फटेंगे तो सब कुछ तबदिल हो जाएगा विनाशकारी समन्दर में तो चलिए दोस्तो एक नजर डालते है. इतिहास की कुछ ऐसी घटनाओं पर जब पानी को संभल पाना इंसान के बस से बाहर हो गया.

लाओस सैडल डैम डी

23 जुलाई 2018 का वो दिन लाओस देश के लोगो के लिए एक आम दिन की तरह ही था .वहा के लोग रोज़ की तरह अपने काम मे व्यस्त थे .फिर यहाँ ऐसा होता है कि लोग चाहकर भी भुला नहीं पायेंगे. क्योकि इस देश के कई राज्यों को बिजली देने वाला ये डैम अचनाक से कोलैप्स को जाता है और अपने रास्ते मे आने वाली हर चीज़ को तहस नहस कर के रख देता है. इसका का कारण था इस डैम के निर्माण में होने वाली लापरवाही. इसका निर्माण उस एरिये में किया गया जहा काफी मात्रा में बारिश हुआ करती थी . इसमे इस्तेमाल होने वाले मैटेरियल का भी कुछ खास ध्यान नहीं रखा गया. इस सब के चलते वही हुआ जिसका सबको डर था. 23 जुलाई 2018 को जब ये डैम टूटा तो 5 बिलियन पानी सुनामी की तरह घुस गया और पुरे शहर को जलमग्न करते हुए लोगो की जानो को भी ले गया . निर्माण कम्पनी की लापरवाही की कीमत को कई मासूमो की जानो को चुकाना पड़ा .

सरदोबा डैम

उसबेकिस्तान के डेजर्ट में बनाये गये इस डैम को 9 सौ बिलियन टन पानी को सँभालकर रखने के लिए बनाया गया था. लेकिन दुर्भाग्य से इसको बनवाने वाले ने थोड़ा सा पैसा खर्च करने में कंजूसी की और इसके मनी में से सिर्फ आधे पैसे का इस्तेमाल किया गया .ये डैम इतने ज्यादा पानी को काबू में न रख सका और 1 मई 2020 को तेज हवाओं की वजह से आई ऊँची लहरों के कारण इस डैम का एक हिस्सा टुकड़े टुकड़े हो गया. जिसके बाद दुनिया भर को इस शहर में आई इस तबाही का मंजर देखने को मिला. इस डैम के फील होने से मची तबाही का अंदाज़ा गूगल सेटेलाइट की इन तस्वीरो को देखकर लगया जा सकता है . जिसके जरिये डैम के कोलैप्स होने के पहले और बाद में आये इतने बड़े अंतर को साफ साफ देखा जा सकता है. इस के बाद इस से निकलने वाले पानी की मार का असर साठ मीटर दूर के एरिया में भी मिला .इस पानी का बल इतना ज्यादा था कि आसपास की कंट्री का बॉर्डर क्रोस करते हुए जा पहुचा और डैम में मौजुद मछलियों को पानी के बाहर ला पहुचा.

ऑरोविले डैम

केलिफोर्निया में मौजूद ये डैम यु एस का सबसे टोलेस्ट डैम है. वही अगर इसकी ऊचाई की बात की जाए तो वो है 770 फिट जो अपने अंदर 1 .1 ट्रिलियन गैलेन पानी को स्टोर कर के रखता है . इसके माध्यम से कई खेतो और घरों को पानी सप्लाई किया जाता है. लेकिन इस डैम में एक दिन बहुत बड़ा हादसा देखने को मिला फरवरी 2017 के दिन भारी मात्रा में बारिश होने लगती है ऒर यहा का रास्ता डेमेज होने की वजह से बड़ा हासदा हो जाता है. पानी शहर की और रुख करने लग जाता है. इस से पहले हादसा बड़ा रूप ले ऑथोरिटी तेजी से हरकत में आते हुए पुरे शहर को जल्दी से खाली करवाती हैऔर लोगो को सुरक्षित जगह पर पहुँचाया जाता है. जिसके थोड़े समय बाद देखते ही देखते पूरा शहर पानी के दरिया में तब्दील हो जाता है . इंजीनियरिंग को डर था कि अगर गलती से कोप्ल्स हो गया तो पूरे शहर समेत आसपास के देशो को भी तहस नहस कर जायेगा लेकिन ऐसा नही हुआ और कई जाने बच गयी.

रिवर कोका डैम

कोलंबिया में कोका डैम पर रिवर का निर्माण किया जा रहा था. इसके कंस्ट्रक्शन के दौरान एक हादसा हो जाता है. यहा पर पानी को रोक कर रखने वाली ब्लॉक पैनल का गेट अपने आप खुल जाता और पानी बेकाबू होकर तेजी बहने लगता है.
उस घट रहे मंजर को कैमरे में कैद कर लिया गया पानी इतनी तेजी से बह रहा था. कि आसपास मौजुद सभी गांवों को तबाह कर के रख दिया. इंजीनियरिंग के पास कोई जवाब ही नही की ये हादसा क्यों हुआ और उस वीडियो में देखकर पानी और नुकसान का अंदाजा लगाया जा सकता है ये नजारा वाकई में दिल दहला देने वाला था .

थ्री गोरगेस डैम

चाइना में मौजुद ये डैम दुनिया का सबसे बड़ा डैम है. जिसकी चौड़ाई 2•3 किलो मीटर है. ये डैम बहुत ज्यादा पानी को होल्ड करके रखता है. कहा जाता है इसके निर्माण से धरती की रोटेशन में भी कमी आई है और 2006 में इस डैम के बनने में इससे जुड़ी कई आर्टिकल सामने आती रही कहा जाता है कि ये डैम कभी भी टूट सकता है हालही में 2020 में हुयी भरी बारिश के चलते डैम की दीवारे अपनी जगह से खीसक चुकी है इसका निर्माण करने वाले इंजीनियर्स का कहना है कि ये डैम इतना एडवांस और मजबूत है कि अपनी कैपेसिटी से दो गुना पानी को सम्भाल सकता है . लेकिन एक ही बार में अपनी क्षमता का पूरा भर जाने के बाद इस की दीवारों में झुकाव आने लगा है .जिसके बाद इस द के कोलेप्स होने और पूरे शहर को तबाह होने से बचाने के लिए इसके इमरजेंसी गेट को खोलना ही पड़ा और आसपास के शहरों को इसके पानी की मार का सामना करना ही पड़ा.फिलहाल तो इस डैम को टूटने से बचा लिया गया है लेकिन भविष्य में ये दीवारे कब तक पानी सँभाल कर रख पायेगी कहना थोड़ा मुश्किल है

ब्रुमाडैनो डैम

ब्राज़ील में बने इस डैम का हादसा इतना खतरनाक था कि इसके गवाह बने लोग शायद ही इसे भुला पाए .25 जनवरी 2019 की सुबह इस डैम की मिटटी से बनी दीवारे पानी के दबाब को सँभालने में नाकाम हो जाती है और पानी इस दीवार को तहस नहस करते हुए तेजी से शहर की और बढ़ने लगता है.जिसके बाद देखते ही देखते इस डैम से सटा पूरा शहर मिट्टी और दलदल में दफन हो जाता है . करीब 370 परिवारों की खुशिया उनसे हमेशा के लिए छीन लेता है . इस डैम की देखरेख करने वाली कम्पनी ने हादसे की सही वजह जानने की कोशिश की तो उसे एक नैचुरल डिजास्टर बताते हुए पुरे मामले से अपने हाथ झाड़ लिए .उनका कहना है कि उन्होंने इस डैम के फ़ैल होने के किसी भी वार्निंग साइन को नही देखा. हालांकि वहा की गवर्मेंट द्वारा इस मामले पुरे मामले पर कार्यवाही तो की जा रही है .लेकिन इस हादसे से हुए नुक्सान को बदला नही जा सकता .

मिशिगन डैम

यू एस के एक शहर में रहने वाले लोगों को एक नही बल्कि दो दो डैम के हादसे को झेलना पड़ा. 20 मई 2020 के दिन सुबह भारी बारिश पहले तो एडिन विले नाम का ये डैम कोलैप्स को जाता हैं और फ़िर जब वहा की अथोरीटीइस से हुए नुक्सान को कम कर रही थी. तो एक घंटे के अंदर ही वहा सेमपोर नाम का एक और डैम भी कोलैप्स हो जाता हैं और अगली सुबह शहर बहती नदी का रूल ले लेती है. इसमे लोगो को भारी नुकसान उठाना पड़ा .जिसकी कीमत 175 मिलियन डॉलर आंकलन की गई. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यू एस को भविष्य में ऐसे और कई हादसे देखने को मिल सकते है . यहा के ज्यादातर डैम काफी पुराने होने की वजह से उन की दीवारे काफी कमजोर हो गयी है.उनकी देख रेख में भी ध्यान नही रखा जा रहा है .

सयानो सुशेन्सकाया डैम

17 अगस्त 2009 सयानो सुशेन्सकाया नाम के इस डैम पर मौजूद वर्कर रोज की तरह अपने काम में लगे थे कि अचानक इस डैम में लगे ट्रवाइन की मशनरी में खराबी हो जाती है और वो पानी के प्रेशर को सहने में नाकाम हो जाता है .नतीजन पानी उस पूरी मशनरी को तोड़ कर तेजी से बिल्डिंग के अंदर घुसने लगता है. और देखते ही देखते बिल्डिंग में बाढ़ आने लगती है.और सभी वर्कर अपनी जान बचने के लिए इधर उधर भागने लगते है.

रूज़ डैम

जरा सोचिए आप अपने घर पर बैठे है और आपका घर पानी से भरा हो कु छ ऐसा ही हुआ रशिया के शहर में यही काफी बारिश हो रही थी .इसमे नदी पर बने डैम का पानी ओवर फ्लो हो गया पानी की ज्यादा मात्रा को डैम की ये दीवारे सह न सकी और चकना चूर हो गयी और पूरा शहर पानी मे तैरता नजर आने लगा.

टेंटोन डैम

टेंटों में नदी के ऊपर बनाये जाने वाले डैम का निर्माण मिट्टी से किया. मौसम की वजह से वहा बर्फबारी होने लगी. इंजीनियर ने इस डैम में दोगुना पानी भरने को कहा इसके बाद पानी नीचे रिसते हुये दिखा. इंजीनियर ने इस बात को इग्नोर करते हुए पानी भरना चालू रखा इंजीनियर को लगा वो इस समस्या से निपट लेगें. उसके बाद उन्होंने उस लीक हो रहे छेद को भरना शुरु कर दिया .लेकिन उसने अब बहुत बड़ा रूप ले लिया उस पानी को रोकना इंजीनियर के बस से बाहर था. वहां के मेंबर अपनी अपनी जान बचाकर भागने लगे कुछ ही समय बाद ये डैम पूरे शहर को पानी मे बहा कर ले गए.

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