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मात्र 400 रूपये में बर्तन धोने का काम करता था, आज वही रमेश महीने में कमा रहा लाखों रूपये

मित्रो इसमें तो कोई दो राय नही है कि इस दुनिया में कब किसकी किस्‍मत चमक जाये, इसका कोई पता नही है। वैसे तो आम जिन्दगी में कईओ ने अपनी किस्मत अजमाई है, पर उनमें कामयाबी कुछ ही लोगों को मिल पायी है, पर आज हम एक ऐसे शख्स के संबंध में बात करने जा रहे है, जो पुणे में मात्र 400 रूपये की नौकरी में बर्तन धोने का काम करता था, पर आज वह महीनो में लाखों रूपये कमा रहा है। आइए जाने इस शख्स की संघर्षभरी प्रेणादयक कहानी के संबंध में जिसे सुन एक बार आप लोग भी भावुक हो जायेगें। पति के गुजरने के बाद बच्चो को 5 रुपये तक नहीं देते थे घरवाले,2 हजार कर्ज लेकर बनी करोड़ो की मालिक

दरअसल जिस शख्स की आज बात की जा रही है, उनका नाम रमेश है, ये पुणे के सारसबाग में वेटर का काम करते थे, जिसमे इन्हें बर्तन धोना पड़ता था। जिसके लिये इनको मात्र 400 रुपये वेतन दिया जाता था। रमेश एक वेटर से ठेले के मालिक बन गये, वहां उन्होंने कई कष्ट सहे, पर वह विपरीत परिस्थितियों से डरे नहीं और लड़ते रहे, आज उनके पास एक नामी होटल है। रमेश लुल्ला नगर की जानी-मानी सपना पावभाजी के मालिक हैं, लेकिन उनका अब तक का सफर कठिन रहा है, क्योंकि उन्होंने कभी सारसबाग में वेटर का काम किया था, इतना ही नहीं, उन्होंने फुटपाथ पर भी दिन बिताए, रमेश का जन्म भुम तालुका के चिंचकुर ढगे गांव में हुआ था, जब वह स्कूल में था तब से रमेश के पास एक व्यावसायिक कौशल था। यही वजह थी कि उनका पढ़ाई-लिखाई में मन नही लग रहा था। परिवार के मजबूर करने पर वह किसी तरह 9वी कक्षा तक बढ़े, फिर पढ़ाई छोड़ अपने व्यावसायिक कौशल को अपनाते हुये इस मुकाब तक पंहुच गयें।

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि रमेश सब्जी बेचने, अंडे बेचने जैसे कई व्यवसाय किए, स्कूल छोड़ने के बाद उन्होंने 2-3 साल तक पावा का कारोबार किया, अच्छा पैसा कमाया, कुछ दिनों के लिए, बार्शी में अपने भाई के जूते की दुकान पर काम किया, उन्होंने मुंबई में एक रिश्तेदार के पोल्ट्री पर भी काम किया, पर वह वहां भी खुश नहीं था, 1993 में वे पुणे आए, वजह थी भाई की टीसी लाना, एक भाई डेक्कन के एक होटल में काम कर रहा था जबकि दूसरा पढ़ रहा था, बड़े भाई ने सरसबाग में वेटर की नौकरी दिलवाई, रमेश को कुछ नहीं आता था, तो मालिक ने उन्हें बर्तन धोने का काम दिया, पर उन्हें बहुत बुरा लगा, वह गांव में बेहतर कमाई कर रहा था, पर उन्हें लगा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए उन्हें कुछ करना ही होगा, बाद में वह अलग-अलग जगहों पर वेटर का काम करने लगा, वह धीरे-धीरे वेटर बन गया !

फिर होटल में खाना बनाना शुरू किया, इसी दौरान उसने एक दोस्त को रहने के लिए जगह दी, उसे नौकरी दी, वह दोस्त अच्छा सेट था, उसने रमेश को मार्केटिंग की जानकारी दी, इसमें पैसा लगाने को कहा, रमेश ने भी 50,000 रुपये का निवेश किया, यह सच था कि वह बाद में अच्छा मुनाफा कमा रहा था, पर उसके दोस्त ने उसे अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए कहा और उसे नौकरी दे दी, बाद में उन्हें 2 लाख का नुकसान हुआ क्योंकि उन्हें इसके बारे में पता नहीं था, उन्होंने फिर से कड़ी मेहनत करने का फैसला किया, नुकसान उठाना पड़ा, अचानक ऑफिस में टाई पहने हुए वेटर और रमेश वापस जीरो पर आ गए और उन्हें फिर से होटल में काम करने में शर्म आ रही थी, फिर रात में ढोले पाटिल रोड पर एक ढाबे पर नौकरी शुरू की, रात मे 3 बजे जब होटल बंद होता तो सुबह 10 बजे तक रिक्शा चलाता और फिर सोने के लिए घर चला जाता, जिद से स्थिति पर काबू पा लिया, दोस्त ने लुल्लानगर में ठेला शुरू किया था पर उसे वह जमा नहीं, उसने रमेश से ठेला चलाने को कहा, एक ठेले का किराया 100 रु, था, हालाँकि कुछ प्रॉफिट नहीं हो रहा था, फिर भी उसने ठेला चलाया, बाद में उसने ठेला बंद किया, रमेश वंजले के होटल में दोबारा काम किया, इसी बीच शादी भी हो गई, वंजले का होटल बिजनेस बहुत अच्छा चलाया !45 आदमियों के बीच अकेली महिला कुली हैं संध्या, इज्जत से कमाती हैं, बच्चों को बनाना चाहती हैं अफसर

उन्होंने शादी के लिए 25,000 की मदद की, बाद में उन्होंने नौकरी छोड़ दी, उसके गले की चैन बेचकर रुपये लौटा दिए, उसने एक ठेला खरीदा, उसने फिर से अपना ठेला शुरू किया, अब नए जोश के साथ काम किया, उन्होंने अपने लिए कड़ी मेहनत की और व्यवसाय बढ़ गया, ठेला बहुत अच्छा चला, इसके बाद लड़की हुई, उसका नाम सपना रखा था, वह ठेला का नाम था, बाद में व्यापार बहुत बढ़ गया, उस समय रमेश के तीन सपने थे, रहने के लिए एक फ्लैट, अपना होटल और एक कार, ये सारे सपने जल्द ही रमेश की मेहनत से सच हो गए और आज वह सपना पावभाजी होटल के मालिक हैं, यह होटल आज बहुत प्रसिद्ध है और लोग यहां पावभाजी खाने के लिए वेटिंग में रुकते हैं, जहा वो ठेला लगाते थे आज वही उनका होटल है और लोगों ने उस चौक का नाम सपना पावभाजी चौक रख दिया है। इस जानकारी के संबंध में आप लोगों की क्या प्रतिक्रियायें है। मित्रो अधिक रोचक बाते व लेटेस्‍ट न्‍यूज के लिये आप हमारे पेज से जुड़े और अपने दोस्तो को भी इस पेज से जुड़ने के लिये भी प्रेरित करें।

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