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यहां पर बाप अपनी ही बेटी से करता है शादी और उसके बाद

दोस्तों हमारे देश में बेटियों को लक्ष्मी का रूप माना जाता है जब भी किसी के घर बेटी पैदा होती है तो कहा जाता है हम भाग्यशाली है हमारे घर लक्ष्मी आई है ! बेटियां माँ-बाप की लाडली होती है जिस तरह बेटे सबसे ज्यादा माँ के लाडले होते है उसी तरह बेटियां अपने पिता की लाडली होती है पिता भी अपनी बेटी को खूब लाड प्यार से पाल कर उसके लिए योग्य वर की तलाश करके उसकी शादी कराने के लिए अपना सब कुछ त्याग देता है !  लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यदि एक बेटी की शादी उसके पिता से करा दी जाए ! सुनने में बेहद अजीब है लेकिन ये बिलकुल सच है ! हमारे देश में एक ऐसा गाँव भी जहाँ एक बेटियों की शादी उसके  पिता के साथ ही करा दी जाती है ! जलिए जानते है इस गाँव की रस्म को विस्तार के साथ !

पूरी दुनिया के हर कोने में एक पिता और बेटी का रिश्ता काफी खूबसूरत माना जाता है पर इस विश्व में एक जगह ऐसी भी है जहा बेटियों की उनके ही पिता से शादी करवा दी जाती है , अब आप सोच रहे होंगे की भला ये कैसी अजीब सी प्रथा है और आखिर दुनिया के कौन से कोने में इसे निभाया जाता है ?  एक रिपोर्ट के मुताबिक़ ये कुप्रथा बांग्लादेश के मंडी जन जाति में मनाई जाती है , जनजाति की ही रहने वाली एक औरत ओरोला ने बताया की जब वो बहुत छोटी थी तभी उनके पिता का इन्तेकाल हो गया था जिसके बाद उसकी माँ की शादी नॉटेन नाम के एक शख्स से करवा दी गयी थी , ओरोला को उसके दूसरे पिता मिल गए थे और उसका बहुत ख्याल भी रखते थे |

जब ओरोला थोड़ी बड़ी हुई तो उसे पता चला की उसके ये पिता उसके पति है , ये सुनने के बाद उसे इस बात पर पहले तो यकीन ही नहीं हुआ मगर ये बात बिलकुल सच थी | दरहसल बांग्लादेश के मंडी जन जाति में ऐसी कुप्रथा है की जब भी वहा किसी विधवा लड़की की शादी किसी दूसरे शख्स से करवाई जाती है और अगर उस विधवा की कोई बेटी भी है तो उन दोनों की ही शादी उस शख्स से करवा दी जाती है ताकि वो अपनी पत्नी और बेटी का पति बन कर उसकी सुरक्षा लंबे वक्त तक सके | ओरोला ने बताया की वो जब तीन वर्ष की थी तब ही उसके इस दूसरे पिता से उसकी शादी करवा दी गयी थी और तभी उसके ये पिता उसके पति भी बन गए थे | ये कुप्रथा विचित्र ज़रूर है पर आज भी बांग्लादेश में इसे निभाया जाता है |

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