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अपनी जान की परवाह किये बिना भारत के वीर ने बचाई पाकिस्तान की लड़की,लोग कह रहे है ये है”असली वीर जारा”

दोस्तों युक्रेन और रूस के जंग के दौरान वहा से अब तक तबाही की ही खबरे सुनने को मिल रही है . ऐसे हालातो में दुसरे देश से आये छात्रों में एक दुसरे की मदद के किस्से भी सामने आ रहे है . जिसमे से एक किस्से ने तो फिल्म वीर ज़ारा की याद दिला दी .इस फिल्म में जैसे शाहरुख़ खान अपनी जान पर खेल कर पा’किस्तान से आई प्रीटी जिंटा की जान बचाता है .कुछ ऐसा ही किस्सा यूक्रेन में चल रही जंग के दौरान हुआ है .जिसमे एक लड़के ने मुश्किलों को पार करते हुए एक लड़की को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया .लड़के के इस कारनामे के बाद हर तरफ उसी की सराहना हो रही है . लड़के ने ऐसे वक्त में दुश्मन देश की एक लड़की की जान बचा कर देश का नाम भी रोशन किया है .लड़की की जिद के आगे झुका भारतीय रेल, एक सवारी के लिए चलाई 555 किमी गाड़ी

कीव के बंकरों में हुई मुलाकात

रूस और यूक्रेन के बीच जंग तेज होती जा रही है। रूस ने सबसे पहले कीव शहर पर हमला किया था। इससे वहां के हालात काफी बिगड़ गए थे। ऐसे में विदेशी छात्र बंकरों में पनाह लिए हुए थे। इनमें से 80 पाकिस्तानी छात्र-छात्राएं एक साथ बंकर में मौजूद थे। सभी अपनी जान बचाने के लिए यहां छिपे हुए थे। इन्हीं के बीच पाकिस्तान की जारा यानि मारिया भी थीं।यहीं पर अंकित ने भी पनाह ली थी और वो पाकिस्तानियों के बीच इकलौता भारतीय था। यहीं पर उसकी मुलाकात पाकिस्तानी लड़की मारिया से हुई। अंकित कीव पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट में यूक्रेनी लैंग्वेज सीख रहा है। इंस्टीट्यूट के पास ही हुए धमाके के बाद उसको बंकर भेजा गया था। सभी छात्र बंकर में ही छिपे हुए थे और बाहर निकलने से भी डर रहे थे।

मारिया ने साथ ले जाने की गुजारिश की

बंकर के आसपास धमाकों से मारिया काफी डर गई थी। इसके बाद अंकित ने उसका हौसला बढ़ाया। अंकित ने जब बंकर से निकलने का फैसला किया तो मारिया ने भी साथ चलने की गुजारिश की। अंकित ने उसको ले जाने से पहले उसके घरवालों से बात की और बेटी को सुरक्षित निकालने का वादा किया।इसके बाद 28 फरवरी को दोनों साथ ही सुरक्षित स्थान के लिए निकल पड़े। मारिया अपना सामान नहीं उठा पा रही थी तो अंकित ने उसका बोझ भी उठा लिया और पांच किमी तक दोनों पैदल चले। दोनों को कीव के बुगजाला रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़नी थी। दोनों कई किमी पैदल ही चलते रहे। इस दौरान अंकित ने मारिया की बहुत मदद की।फिल्म बजरंगी भाईजान की मुन्नी अब दिखने लगी है और भी ज्यादा खूबसूरत, क्लिक कर देखें..

गोलियों से बचाते हुए सुरक्षित पहुंचाया

भारत के वीर अंकित ने मारिया की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली। रेलवे स्टेशन पर भीड़ होने के बाद भी दोनों ट्रेन पकड़ने में कामयाब हो गए। इसके बाद अचानक ट्रैक पर विस्फोट हुआ तो मारिया डरी। फिर अंकित ने हिम्मत बढ़ाई। आखिरकार 1 मार्च को दोनों टर्नोपिल स्टेशन पहुंचे। तब मारिया ने चैन की सांस ली क्योंकि वहां पर पाकिस्तानी दूतावास से वो संपर्क स्थापित कर सकती थी।यहां पर मारिया ने पाकिस्तानी दूतावास से संपर्क स्थापित किया। तब जाकर वो सुरक्षित हो सकी। इसके बाद पाक दूतावास ने दोनों को बस से रोमानिया बॉर्डर भेजा। पाक दूतावास ने अंकित की तारीफ में लिखा है कि एक भारतीय बच्चा हमारी बेटी को सुरक्षित ले आया। उसका शुक्रिया अब वो हमारा बेटा बन गया।

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